ट्रैप कैमरे में दूसरी बार कैद हुई चहलकदमी, वन्यजीव संरक्षण के लिए उत्साहजनक संकेत
एएम नाथ। चंबा। हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले के जनजातीय उपमंडल भरमौर स्थित तुंदाह वन्यजीव अभयारण्य में दुर्लभ हिमालयी भूरे भालू की मौजूदगी फिर दर्ज हुई है। वन विभाग के ट्रैप कैमरे में इस वन्यजीव की चहलकदमी कैद हुई है। अभयारण्य में इस भालू के कैमरे में दर्ज होने का यह दूसरा मामला है, जिसे वन्यजीव संरक्षण की दिशा में उत्साहजनक संकेत माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, तुंदाह बीट में तैनात फॉरेस्ट गार्ड शुकर दीन ने क्षेत्र में ट्रैप कैमरा लगाया था। इसी कैमरे में दुर्लभ हिमालयी भूरा भालू दिखाई दिया। कैमरे में इसकी मौजूदगी दर्ज होने से क्षेत्र की जैव विविधता और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को लेकर नई जानकारी मिली है।
उच्च हिमालयी क्षेत्र में सुरक्षित पर्यावास के संकेत
भरमौर की ऊंची हिमालयी घाटियां वन्यजीवों की विभिन्न प्रजातियों के लिए महत्वपूर्ण प्राकृतिक आवास हैं। चंबा जिले के तुंदाह और कुगती वन्यजीव अभयारण्य अपनी समृद्ध जैव विविधता के लिए जाने जाते हैं। इन क्षेत्रों में हिमालयी भूरे भालू के अलावा हिमालयी थार, घोरल, सांभर, तेंदुआ, कस्तूरी मृग और लाल लोमड़ी जैसे वन्यजीव भी पाए जाते हैं।
तुंदाह अभयारण्य में हिमालयी भूरे भालू की दोबारा मौजूदगी दर्ज होना वन्यजीवों की निगरानी और उनके संरक्षण के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ट्रैप कैमरों के माध्यम से ऐसे दुर्लभ वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने और उनके प्राकृतिक आवास की स्थिति को समझने में मदद मिलती है।
वन्यजीव संरक्षण से जुड़े इस घटनाक्रम को क्षेत्र के पारिस्थितिक तंत्र के लिए उत्साहजनक माना जा रहा है। हालांकि, किसी प्रजाति के आवास की स्थिति और उसकी आबादी का आकलन करने के लिए लगातार निगरानी और वैज्ञानिक अध्ययन आवश्यक हैं।
