800 मछुआरों को 3,500-3,500 रुपये की सहायता; मुख्यमंत्री बोले- कर्मचारियों को जल्द मिलेगा महंगाई भत्ता, भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में जनता दे सहयोग
एएम नाथ। देहरा। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार देहरा में भूमिगत यूटिलिटी डक्ट का निर्माण करेगी, ताकि बिजली, दूरसंचार और अन्य सेवाओं की तारों को भूमिगत किया जा सके। उन्होंने कहा कि शिमला की तर्ज पर देहरा में भी भूमिगत डक्ट का कार्य किया जाएगा।
देहरा में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कांगड़ा को प्रदेश की पर्यटन राजधानी घोषित किया गया है। बनखंडी में 619 करोड़ रुपये की लागत से अंतरराष्ट्रीय स्तर का जूलॉजिकल पार्क विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं और अब 100 करोड़ रुपये अतिरिक्त जारी किए गए हैं।
800 मछुआरों को 3,500 रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री ने ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि’ के तहत देहरा में 800 मछुआरों को 3,500-3,500 रुपये की वित्तीय सहायता के चेक वितरित किए। यह राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मछली पर रॉयल्टी को 15 प्रतिशत से घटाकर एक प्रतिशत किया गया है। मछली पकड़ने पर प्रतिबंध की अवधि के दौरान मछुआरों को 3,500 रुपये प्रति व्यक्ति की वित्तीय सहायता दी जा रही है।
कर्मचारियों को जल्द मिलेगा महंगाई भत्ता
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस सरकार कर्मचारियों और पेंशनरों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि 67 वर्ष से अधिक आयु के पेंशनरों को पूरा बकाया, लीव एनकैशमेंट और ग्रेच्युटी का भुगतान किया जा चुका है।
उन्होंने घोषणा की कि 1 जनवरी 2016 से 31 जनवरी 2022 के बीच सेवानिवृत्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को उनके वेतन बकाया के अतिरिक्त 20 हजार रुपये दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रेणी-1, श्रेणी-2 और श्रेणी-3 के पेंशनरों के लिए बेसिक पे से संबंधित शर्त हटाने के निर्देश जारी किए जाएंगे। इसके बाद पात्र पेंशनरों को लंबित बकाया का 35 प्रतिशत भुगतान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे कर्मचारियों के कुल बकाया का 57 प्रतिशत हिस्सा चुकता हो जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में कर्मचारियों को महंगाई भत्ता दिया जाएगा।
भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्ती का दावा
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई लड़ रही है और लोगों के सहयोग के बिना इसे पूरी तरह सफल नहीं बनाया जा सकता। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों से उनकी कथित अवैध संपत्तियों का ब्यौरा मांगा जाएगा और ऐसी संपत्तियों को जब्त कर गरीबों के हित में इस्तेमाल किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने राजस्व बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। किशाऊ बांध परियोजना में हिमाचल के अधिकारों की लड़ाई के परिणामस्वरूप राज्य को सालाना करीब 600 करोड़ रुपये राजस्व मिलने की उम्मीद है। वहीं, जेएसडब्ल्यू मामले में सर्वोच्च न्यायालय में राज्य की जीत के बाद करीब 150 करोड़ रुपये सालाना आय हो रही है।
उन्होंने कहा कि पूर्व भाजपा सरकार की शराब ठेकों के नवीनीकरण की व्यवस्था को समाप्त कर ठेकों की नीलामी शुरू की गई, जिससे राज्य के राजस्व में वृद्धि हुई।
देहरा अस्पताल में अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन का ऐलान
मुख्यमंत्री ने देहरा अस्पताल में एक वर्ष के भीतर अत्याधुनिक अल्ट्रासाउंड मशीन स्थापित करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि देहरा विधानसभा क्षेत्र में करीब 100 करोड़ रुपये की पेयजल परियोजनाएं कार्यान्वयन के अधीन हैं। ओजोन तकनीक आधारित पेयजल परियोजना भी अगले एक वर्ष में पूरी करने का लक्ष्य है।
पौंग बांध विस्थापितों के लिए भूमि उपलब्ध करवाने का दावा
सुक्खू ने कहा कि सरकार पौंग बांध विस्थापितों की समस्याओं से अवगत है। उन्होंने बताया कि अब तक 200 विस्थापित परिवारों को मकान निर्माण के लिए भूमि उपलब्ध करवाई गई है और अन्य पात्र परिवारों को भी चरणबद्ध तरीके से योजना का लाभ दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि देहरा में विकास कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है और आने वाले वर्षों में इसे प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस अवसर पर विधायक कमलेश ठाकुर ने मछुआरों को दी जा रही वित्तीय सहायता को उनके श्रम और योगदान का सम्मान बताया। उन्होंने कहा कि मछुआरा समुदाय स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
कार्यक्रम में राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष भवानी पठानिया, विधायक संजय रतन, पूर्व मंत्री एवं हिमाचल प्रदेश राज्य अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष कुलदीप कुमार धीमान, पूर्व विधायक योगराज, विभिन्न बोर्डों एवं निगमों के अध्यक्ष-उपाध्यक्ष, सचिव प्रियंका बसु इंग्टी, उपायुक्त हेमराज बैरवा, पुलिस अधीक्षक संदीप धवल सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
