बिजली सरप्लस राज्य है हिमाचल, पंजाब से हुआ तीन वर्षीय समझौता
चंडीगढ़ में 7.19 फीसदी हिस्सेदारी के अधिकार के लिए प्रयास जारी: मुख्यमंत्री
एएम नाथ। शिमला : मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा है कि हिमाचल प्रदेश बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक सरप्लस राज्य है और राज्य सरकार उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए प्रदेश के हितों को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पंजाब सरकार के साथ बिजली आपूर्ति को लेकर एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है, जिसके तहत हिमाचल प्रदेश अगले तीन वर्षों तक पंजाब को बिजली उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह समझौता प्रदेश की ऊर्जा क्षमता और आत्मनिर्भरता का परिचायक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जलविद्युत संसाधनों का अधिकतम उपयोग कर राजस्व बढ़ाने और प्रदेश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। पंजाब के साथ हुआ यह समझौता भी इसी रणनीति का हिस्सा है, जिससे राज्य को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश के अधिकारों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ में हिमाचल प्रदेश की 7.19 प्रतिशत हिस्सेदारी है और राज्य सरकार अपने इस वैधानिक अधिकार को प्राप्त करने के लिए गंभीरता से प्रयास कर रही है। उन्होंने बताया कि इस विषय पर हाल ही में राज्यपाल से भी मुलाकात की गई है और प्रदेश के हितों से जुड़े इस मुद्दे को प्रभावी ढंग से उनके समक्ष रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्रदेश के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए हर स्तर पर मजबूती से पैरवी कर रही है। चाहे ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े विषय हों या चंडीगढ़ में हिमाचल के अधिकारों का मामला, राज्य सरकार हर मंच पर प्रदेश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और हिमाचल प्रदेश को उसके वैधानिक अधिकारों के साथ-साथ ऊर्जा क्षेत्र में भी और अधिक मजबूती मिलेगी।
