मनप्रीत बादल को प्लॉट खरीद मामले में 31 अक्टूबर को विजिलेंस ब्यूरो ने किया तलब

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बठिंडा : विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा ने पंजाब के पूर्व वित्त मंत्री और बीजेपी नेता मनप्रीत बादल को प्लॉट खरीद मामले में दूसरी बार समन उन्हें 31 अक्टूबर को विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा कार्यालय में तलब किया है। इससे पहले मनप्रीत बादल को 23 अक्टूबर को पेश होने के लिए समन विजिलेंस ब्यूरो की ओर से जारी किया गया था, लेकिन पीठ में दर्द होने का हवाला देकर वह पेश नहीं हुए थे।
इस दौरान मनप्रीत बादल के वकील सुखदीप सिंह भिंडर ने कहा था कि मनप्रीत सिंह बादल काफी समय से पीठ दर्द से पीड़ित हैं, जिसकी वजह से वह चलने में असमर्थ हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनका पीजीआई चंडीगढ़ में इलाज चल रहा है। अब विजिलेंस द्वारा दोबारा से समन भेजकर जांच में शामिल होने पर आशंका बरकरार है, क्योंकि मनप्रीत बादल के एडवोकेट ने विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारियों से अपील की थी कि वे चंडीगढ़ स्थित उनकी रिहायश पर जाकर पूछताछ कर सकते हैं।
16 अक्टूबर को मिली थी जमानत : मनप्रीत बादल ने पीजीआई चंडीगढ़ की तरफ से एक सप्ताह तक बेड रेस्ट करने का सार्टिफिकेट अपने एडवोकेट और ईमेल के जरिए विजिलेंस ब्यूरो को जमा करवाया था। इसके साथ ही मनप्रीत बादल ने हाईकोर्ट के आदेशों पर अपना पासपोर्ट भी विजिलेंस ब्यूरो को जमा करवा दिया था। बता दें कि बीती 16 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने मनप्रीत बादल को अग्रमित जमानत मिल गई थी, लेकिन इस मामले में कई अहम तथ्य सामने आए हैं। इसके बारे में मनप्रीत बादल से पूछताछ की जानी जरूरी है, इसीलिए विजिलेंस ब्यूरो ने दोबारा से उन्हें जांच में शामिल होने के लिए 31 अक्टूबर को पेश होने के लिए कहा गया है।
गौरतलब है कि विजिलेंस ब्यूरो बठिंडा ने बीते 24 सितंबर को मनप्रीत बादल समेत आधा दर्जन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था, जिसमें आरोप लगाया गया था वित्तमंत्री रहते हुए मनप्रीत बादल ने वर्ष 2021 में अपने प्रभाव से शहर के पॉश इलाके मॉडल टाउन फेस वन में 1560 गज के दो प्लॉट खरीदे थे। विजिलेंस जांच के अनुसार इन प्लाटों को खरीदते समय पूर्व वित्तमंत्री ने पंजाब सरकार के खजाने पर 65 लाख रुपये की चपत लगाई थी। इस मामले को लेकर मनप्रीत के तीन सहयोगी होटल व्यवसायी राजीव कुमार, कारोबारी विकास अरोड़ा और शराब ठेकेदार के कर्मचारी अमनदीप को विजिलेंस ने गिरफ्तार किया था, जो अभी जेल में हैं तथा बीडीए के तत्कालीन अधिकारी बिक्रमजीत सिंह शेरगिल, सुपरिटेंडेंट पंकज कालिया अभी भी फरार हैं।

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