मोहाली, 5 सितंबर। शिक्षक दिवस के अवसर पर पंजाब सरकार की ओर से मोहाली के सेक्टर-62 स्थित विकास भवन में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भगवंत मान मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और प्रदेश के 50 शिक्षकों को सम्मानित किया।
शिक्षकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि शिक्षक और विद्यार्थी का रिश्ता बेहद खास होता है। उन्होंने कहा कि उनके सामने पंजाब के होनहार गुरु बैठे हैं और वह स्वयं एक अध्यापक के बेटे हैं। इसलिए वह शिक्षक के जीवन में आने वाली मुश्किलों और चुनौतियों को अच्छी तरह समझते हैं।
‘मैंने घर में शिक्षक की मुश्किलें देखी हैं’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने अपने पिता के माध्यम से अध्यापकों की जिंदगी की परेशानियों को करीब से देखा है। उन्होंने कहा कि पहले स्कूलों में प्रधानाचार्य या हेड मास्टर पर काम का काफी बोझ रहता था।
उन्होंने कहा कि स्कूल में कुर्सी खराब हो तो हेड मास्टर जिम्मेदार, बाथरूम की समस्या हो तो हेड मास्टर जिम्मेदार और रजिस्टर लेकर कार्यालयों के चक्कर लगाने से लेकर हाजिरी तथा छुट्टी संबंधी कार्यों तक की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर होती थी।
‘हेड मास्टर को थोड़ा रिलैक्स करने की जरूरत’
भगवंत मान ने कहा कि उन्होंने शिक्षा मंत्री से भी इस विषय पर बात की है कि हेड मास्टर पर गैर-शैक्षणिक जिम्मेदारियों का बोझ कम किया जाए। उन्होंने कहा कि स्कूल विद्या का मंदिर है और शिक्षकों को विद्यार्थियों की शिक्षा पर अधिक ध्यान देने का अवसर मिलना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सरकारी स्कूलों में पेरेंट्स-टीचर मीटिंग की व्यवस्था प्रभावी रूप से नहीं थी, जबकि निजी स्कूलों में ऐसी बैठकें होती थीं। पंजाब सरकार ने सरकारी स्कूलों में भी पेरेंट्स-टीचर मीटिंग शुरू की, ताकि माता-पिता अपने बच्चों की पढ़ाई और शिक्षकों के बारे में जानकारी हासिल कर सकें।
उन्होंने कहा कि शिक्षक भी यह जान सकें कि स्कूल के बाद बच्चा किन परिस्थितियों और किस माहौल में रह रहा है।
‘24 लाख माता-पिता पिछली मीटिंग में पहुंचे’
मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछली पेरेंट्स-टीचर मीटिंग में करीब 24 लाख माता-पिता शामिल हुए। उन्होंने कहा कि इनमें आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से जुड़े अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई और प्रगति जानने के लिए पहुंचे।
उन्होंने कहा कि अभिभावकों की भागीदारी से बच्चों की शिक्षा को लेकर स्कूल और परिवार के बीच बेहतर तालमेल बन रहा है।
‘चार साल में स्कूलों का कायापलट किया’
भगवंत मान ने कहा कि वर्ष 2021 में पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में 27वें स्थान पर था और वर्ष 2022 में उनकी सरकार बनने के बाद पिछले चार वर्षों में स्कूलों की स्थिति में काफी बदलाव किया गया है।
उन्होंने कहा कि आज पंजाब के सरकारी स्कूलों में बच्चे बेहतर सुविधाओं के साथ पढ़ रहे हैं। स्कूलों में बेंच, बेहतर बाथरूम, चारदीवारी, क्लेरिकल स्टाफ और शिक्षकों की भर्ती की गई है। शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
‘नकल के सहारे कितना पास कर लोगे?’
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को मेहनत और ईमानदारी से पढ़ाई करने का संदेश देते हुए कहा कि नकल के सहारे कोई कितनी दूर तक आगे बढ़ सकता है। उन्होंने अपने स्कूल के शिक्षकों को याद करते हुए कहा कि उनके सामाजिक शिक्षा के शिक्षक रामेश्वर दास, हिंदी के शिक्षक राम कस्तूरी लाल और अंग्रेजी के शिक्षक सुनाम क्षेत्र से थे।
मान ने कहा कि कलाकार बनने के बाद भी जब वह अपने शिक्षकों से मिलते थे तो उनके चरण स्पर्श करते थे। उन्होंने कहा कि जीवन में शिक्षक का स्थान हमेशा सबसे ऊंचा रहता है।
‘आप वह माली हैं, जिसने पेड़ को लगाया और सींचा’
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की भूमिका को एक माली से जोड़ते हुए कहा कि जब कोई पेड़ फल देने लगता है तो उससे फल खाने वाले से ज्यादा खुशी उस माली को होती है, जिसने उस पेड़ को लगाया और उसे सींचा होता है।
उन्होंने कहा कि इसी तरह जब कोई विद्यार्थी जीवन में सफलता हासिल करता है तो सबसे ज्यादा गर्व उसके शिक्षक को होता है। उन्होंने कहा कि उनके शिक्षक और प्रोफेसर आज भी गर्व महसूस करते हैं कि उनका पढ़ाया हुआ विद्यार्थी पंजाब का मुख्यमंत्री बना।
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अच्छा शिक्षक विद्यार्थी के जीवन पर ऐसी छाप छोड़ता है, जिसे वह पूरी जिंदगी नहीं भूल सकता।
