CM सुक्खू ने भंजराड़ू में जनसभा के दौरान की घोषणाएं, 15 हजार महिलाओं को 1500 रुपये मासिक सहायता देने वाली योजना अगले महीने होगी शुरू; वाइल्ड फ्लावर हॉल से 401 करोड़ मिलने का भी किया उल्लेख
एएम नाथ। चंबा। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने चंबा जिले के चुराह विधानसभा क्षेत्र के दौरे के दौरान शिक्षा, ग्रामीण विकास और आर्थिक आत्मनिर्भरता को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने चुराह के चार सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों हिमगिरी, थल्ली, जज्जाकोठी और मारूंड को सीबीएसई से संबद्ध करने का ऐलान किया। इसके साथ ही विभिन्न पंचायतों में सड़क निर्माण के लिए आवश्यक बजट उपलब्ध करवाने की घोषणा भी की।
भंजराड़ू कला मंच पर आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल कर आर्थिक स्थिति मजबूत करने और हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान को 15.50 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली बेचने के समझौते से आगामी चार महीनों में प्रदेश को करीब 400 करोड़ रुपये की आमदनी होगी।
बिजली और वाइल्ड फ्लावर हॉल से बढ़ेगी सरकारी आय
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने बिजली क्षेत्र में बेहतर राजस्व प्राप्त करने के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राजस्थान को बिजली बेचने से होने वाली आय प्रदेश के विकास कार्यों में मददगार होगी। उन्होंने कहा कि बैरास्यूल जलविद्युत परियोजना के संचालन के 44 वर्ष पूरे होने के बाद इसमें हिमाचल की निशुल्क बिजली हिस्सेदारी बढ़ाकर 50 प्रतिशत करने के लिए केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से पक्ष रखा गया है।
उन्होंने शिमला स्थित वाइल्ड फ्लावर हॉल मामले का जिक्र करते हुए कहा कि यह मामला वर्ष 2003 से लंबित था। प्रदेश सरकार ने प्रभावी कानूनी पैरवी कर इसमें जीत हासिल की, जिसके परिणामस्वरूप राज्य को 401 करोड़ रुपये प्राप्त हुए। अब ई-नीलामी के माध्यम से इस संपत्ति से प्रतिवर्ष करीब 37 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 23 वर्षों में इस संपत्ति से प्रदेश को कोई राजस्व नहीं मिला था। अब इससे प्राप्त होने वाली आय जनहित के कार्यों पर खर्च की जाएगी।
चार स्कूलों को मिलेगी CBSE की संबद्धता
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करवाना सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से चुराह के चार सरकारी स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध करने की घोषणा की गई है। इनमें राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हिमगिरी, थल्ली, जज्जाकोठी और मारूंड शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए मेरिट के आधार पर 2,700 से अधिक शिक्षकों की भर्ती की गई है। सरकार 100 से अधिक नए सीबीएसई स्कूल खोलने की दिशा में भी काम कर रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, शिक्षा के क्षेत्र में किए गए सुधारों के परिणामस्वरूप हिमाचल वर्ष 2025 में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में देश में पांचवें स्थान पर पहुंचा, जबकि वर्ष 2021 में प्रदेश 21वें स्थान पर था।
उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार पर पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था किए बिना स्वास्थ्य और शैक्षणिक संस्थान खोलने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने संस्थानों का युक्तिकरण कर शिक्षकों के रिक्त पद भरने पर जोर दिया है।
हल्दी, गेहूं और मक्की के लिए समर्थन मूल्य का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए किसानों और पशुपालकों को बेहतर आर्थिक लाभ देने का प्रयास कर रही है। सरकार कच्ची हल्दी के लिए 150 रुपये, गेहूं के लिए 80 रुपये और मक्की के लिए 50 रुपये प्रति किलोग्राम न्यूनतम समर्थन मूल्य दे रही है।
उन्होंने बताया कि गाय के दूध के लिए 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध के लिए 71 रुपये प्रति लीटर समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पहलों का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ाना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है।
अगले महीने शुरू होगी अपना परिवार सुखी परिवार योजना
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य सरकार अगले महीने से ‘मुख्यमंत्री का अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ शुरू करेगी। इसके तहत गरीब परिवारों की पात्र महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 300 यूनिट मुफ्त बिजली और स्वास्थ्य बीमा कार्ड के माध्यम से निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करवाने की भी बात कही गई।
उन्होंने दावा किया कि इस योजना से चुराह विधानसभा क्षेत्र की करीब 15 हजार महिलाएं लाभान्वित होंगी।
केंद्र से आर्थिक सहायता नहीं मिलने का उठाया मुद्दा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार आर्थिक चुनौतियों के बावजूद संसाधन जुटाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए कदम उठा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल को मिलने वाला राजस्व घाटा अनुदान बंद कर दिया है। प्राकृतिक आपदा के बाद प्रधानमंत्री के प्रदेश दौरे के दौरान घोषित 1,500 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता भी अभी तक राज्य को प्राप्त नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि सरकार इन चुनौतियों के बीच प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रयासरत है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि जनजातीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण और सुरक्षित पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की गई है तथा शिक्षा और अन्य बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाया जा रहा है।
यशवंत खन्ना ने गिनाईं क्षेत्र की विकास योजनाएं
इस अवसर पर कांग्रेस महासचिव एवं स्थानीय वरिष्ठ कांग्रेस नेता यशवंत खन्ना ने कहा कि चुराह विधानसभा क्षेत्र को पहले पिछड़े क्षेत्रों में गिना जाता था, लेकिन वर्तमान सरकार ने सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और पेयजल सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से कमजोर वर्गों की सामाजिक सुरक्षा के लिए शुरू की गई योजनाओं का भी उल्लेख किया और क्षेत्र की विकास संबंधी जरूरतों से उन्हें अवगत करवाया।
कार्यक्रम में प्रदेश हज कमेटी के अध्यक्ष दिलदार अली भट्ट, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष भूपिंद्र ठाकुर और प्रकाश बटाली ने भी विचार रखे। इस अवसर पर विधायक नीरज नैय्यर, पूर्व मंत्री आशा कुमारी, पूर्व विधायक सुरेंद्र भारद्वाज, जिला परिषद अध्यक्ष रेखा ठाकुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
