सुख आश्रय योजना के तहत चंबा के बच्चे शैक्षणिक भ्रमण पर दमन रवाना

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उपायुक्त ने दिखाई हरी झंडी, बच्चों को मिलेगा व्यावहारिक ज्ञान और नए अनुभव

ऐतिहासिक और पर्यटन स्थलों का करेंगे भ्रमण, 7 अप्रैल तक चलेगा शैक्षणिक टूर

एएम नाथ। चंबा : जिला चंबा के बाल देखभाल संस्थानों में रह रहे बच्चों के लिए मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना के अंतर्गत आयोजित शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रम के तहत आज 35 बच्चों का दल दमन के लिए रवाना हुआ। इस अवसर पर उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने हरी झंडी दिखाकर इस विशेष शैक्षणिक टूर को औपचारिक रूप से शुरू किया। इस भ्रमण में 35 “चिल्ड्रन ऑफ द स्टेट” के साथ 5 अधिकारी भी शामिल हैं।
उपायुक्त मुकेश रेपसवाल ने बताया कि यह शैक्षणिक टूर 31 मार्च से 7 अप्रैल 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के भ्रमण बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि इससे उन्हें कक्षा के बाहर सीखने का अवसर मिलता है। उन्होंने बच्चों से अनुशासन बनाए रखने और इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाने का आह्वान किया।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यह दल चंबा से नई दिल्ली के लिए रवाना हुआ है, जहां 1 अप्रैल को हिमाचल भवन में ठहराव किया जाएगा। इसके बाद 2 अप्रैल को नई दिल्ली से सूरत होते हुए दमन पहुंचा जाएगा। दमन में बच्चों के लिए विभिन्न शैक्षणिक, औद्योगिक और पर्यटन स्थलों का भ्रमण निर्धारित किया गया है।
दमन प्रवास के दौरान बच्चों को नमोः पथ, देवका बीच, दुधनी झील, लायन सफारी, नक्षत्र वन गार्डन और वनधारा गार्डन जैसे प्रमुख स्थलों का भ्रमण करवाया जाएगा। इसके अलावा औद्योगिक इकाइयों का दौरा भी कार्यक्रम का हिस्सा रहेगा, जिससे बच्चों को औद्योगिक प्रक्रियाओं की जानकारी मिलेगी। जल क्रीड़ाएं, नाइट मार्केट भ्रमण और अन्य मनोरंजक गतिविधियां भी इस टूर को रोचक बनाएंगी।
4 अप्रैल तक दमन में विभिन्न गतिविधियों में भाग लेने के बाद 5 अप्रैल को दल सूरत एयरपोर्ट से नई दिल्ली के लिए रवाना होगा। दिल्ली में बच्चों को राष्ट्रपति भवन, इंडिया गेट, चांदनी चौक सहित अन्य ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण करवाया जाएगा। 6 अप्रैल को दल हिमाचल भवन में ठहरने के बाद चंबा के लिए वापसी करेगा और 7 अप्रैल को चंबा पहुंचेगा।
पांगी क्षेत्र के बच्चों के लिए अलग से यात्रा व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उनके आवागमन के लिए मनाली मार्ग का उपयोग किया जाएगा, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।
उपायुक्त ने कहा कि इस शैक्षणिक भ्रमण का मुख्य उद्देश्य बच्चों को देश की सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक धरोहर और औद्योगिक विकास से परिचित कराना है। उन्होंने कहा कि इससे बच्चों के आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और उनके दृष्टिकोण का विस्तार होगा।
इस अवसर पर बच्चों में विशेष उत्साह और खुशी देखने को मिली। वे इस यात्रा को लेकर बेहद उत्साहित नजर आए और नए अनुभव प्राप्त करने के लिए तैयार दिखे। यह पहल निश्चित रूप से उनके भविष्य निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।

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