बागवानी, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन और नर्सरी प्रबंधन में मिलेगा व्यावहारिक प्रशिक्षण; युवाओं को नौकरी तलाशने के बजाय उद्यमी बनने के लिए किया जाएगा प्रोत्साहित
शिमला। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल एवं डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कविन्द्र गुप्ता ने युवाओं के कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय के ‘युवाओं के विकास के लिए 100 दिवसीय रोडमैप’ का शुभारंभ किया। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के विजन के अनुरूप तैयार की गई है। इसका उद्देश्य युवाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर रोजगार के नए अवसर पैदा करना और ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाना है।
राज्यपाल ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा का पूरा लाभ उठाने के लिए शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक कौशल और बाजार की जरूरतों से जोड़ना जरूरी है। उन्होंने कहा कि नौकरी तलाशने की सोच से आगे बढ़कर युवाओं को रोजगार सृजित करने वाला बनना होगा। बागवानी और वानिकी जैसे क्षेत्रों में हिमाचल प्रदेश की विशेष क्षमता युवाओं को उद्यमी बनाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
बागवानी और वानिकी से जुड़ा व्यावहारिक प्रशिक्षण
100 दिवसीय रोडमैप के तहत युवाओं को बाग प्रबंधन, ग्राफ्टिंग, नर्सरी उत्पादन, संरक्षित खेती, मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, टिश्यू कल्चर, मृदा परीक्षण, कृषि-वानिकी और कृषि उत्पादों के मूल्य संवर्धन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने की योजना है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को व्यवसाय योजना तैयार करने, बाजार से जुड़ने, ग्रामीण कृषि कार्यों का अनुभव प्राप्त करने और उद्योगों में इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध करवाने पर भी जोर दिया जाएगा।
इस पहल का उद्देश्य केवल युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना ही नहीं, बल्कि उन्हें अपने कौशल के आधार पर स्वरोजगार शुरू करने के लिए तैयार करना भी है।
ग्रामीण युवाओं और महिलाओं पर विशेष ध्यान
रोडमैप में ग्रामीण युवाओं, महिलाओं, जनजातीय समुदायों, स्वयं सहायता समूहों और किसान उत्पादक संगठनों के सशक्तिकरण को विशेष प्राथमिकता दी गई है। राज्यपाल ने कहा कि कौशल विकास और नवाचार के माध्यम से युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका के स्थायी साधन विकसित किए जा सकते हैं।
उन्होंने इस रोडमैप को तैयार करने के लिए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. हरमिंदर सिंह बावेजा और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की। राज्यपाल ने विश्वास जताया कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन से रोजगार एवं उद्यमिता के नए अवसर पैदा होंगे और सतत विकास को गति मिलेगी।
विश्वविद्यालयों के बीच समन्वय से आगे बढ़ेगी पहल
राज्यपाल ने बताया कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों को साझा मंच पर लाने के लिए अंतर-विश्वविद्यालय ‘विकसित भारत टास्क फोर्स’ का गठन किया गया है। इसका उद्देश्य नवाचार को प्रोत्साहित करना, सफल कार्यप्रणालियों को साझा करना और उच्च शिक्षा की गुणवत्ता एवं प्रासंगिकता में सुधार करना है।
कुलपति प्रो. हरमिंदर सिंह बावेजा ने कहा कि रोडमैप को निर्धारित समय-सीमा में लागू करने और नियमित निगरानी के लिए समर्पित समन्वय टीम काम करेगी। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय इस पहल को प्रदेश के युवाओं और कृषक समुदायों के लिए ठोस परिणामों में बदलने के लिए प्रतिबद्ध है।
