बिना लाइसेंस तेजाब का भंडारण और बिक्री अवैध : DC अपूर्व देवगन

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पॉइजन एक्ट के तहत तेजाब नियंत्रण को लेकर उपायुक्त ने की समीक्षा

एएम नाथ। मंडी :  जिला में पॉइजन एक्ट, 1919 तथा हिमाचल प्रदेश पॉइजन (पजेशन एंड सेल) नियम, 2014 के प्रभावी कार्यान्वयन को लेकर उपायुक्त अपूर्व देवगन की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में अधिनियम के अंतर्गत तेजाब के भंडारण और बिक्री को लेकर अब तक उठाए गए कदमों की समीक्षा की गई तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई।
उपायुक्त ने बताया कि जिला में पॉइजन एक्ट के अंतर्गत अब तक कुल 28 लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। इनमें तीन लाइसेंस तेजाब की बिक्री के लिए तथा 25 लाइसेंस भंडारण के लिए बनाए गए हैं। भंडारण लाइसेंसों में 24 लाइसेंस आभूषण विक्रेताओं के तथा एक लाइसेंस राजकीय महाविद्यालय धर्मपुर के नाम पर जारी किया गया है।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि पॉइजन एक्ट के तहत तेजाब का भंडारण और बिक्री केवल वैध लाइसेंस के साथ ही की जा सकती है। बिना लाइसेंस तेजाब का भंडारण या बिक्री पाए जाने पर एक वर्ष तक की सजा का प्रावधान है। उन्होंने एसएचओ, एसडीएम तथा ड्रग एनफोर्समेंट एजेंसियों को लाइसेंस प्राप्त विक्रेताओं और भंडारणकर्ताओं के स्टॉक की नियमित एवं सघन निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि जिला के सभी ऐसे शिक्षण संस्थान, जहां प्रयोगशालाओं में प्रायोगिक कार्यों के लिए तेजाब का उपयोग किया जाता है, उन्हें अनिवार्य रूप से इसके भंडारण हेतु लाइसेंस लेना होगा। समर क्लोजिंग स्कूलों और कॉलेजों को 31 जनवरी तक तथा विंटर क्लोजिंग स्कूलों को 15 मार्च तक लाइसेंस बनवाना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए उपनिदेशक शिक्षा को समुचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि कोई व्यक्ति या संस्था एक से अधिक स्थानों पर तेजाब का भंडारण या बिक्री करती है, तो प्रत्येक स्थान के लिए अलग-अलग लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा। लाइसेंस के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय स्थित सहायक दवा नियंत्रक कार्यालय तथा सरकाघाट और सुन्दरनगर में सहायक दवा निरीक्षकों के कार्यालयों में आवेदन किया जा सकता है।
सहायक दवा नियंत्रक अनूप शर्मा ने बताया कि पॉइजन एक्ट के अंतर्गत लगभग 20 प्रकार के तेजाब सहित अन्य खतरनाक रासायनिक पदार्थ भी शामिल हैं, जिनके उपयोग, भंडारण और बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बंद नालियों को खोलने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले तेजाब के लिए भी लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा।
बैठक में अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ मदन कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु वर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ दिपाली शर्मा, सहायक दवा नियंत्रक अनूप शर्मा, उपनिदेशक उच्च शिक्षा यशवीर कुमार, सहायक प्रोफेसर वल्लभ राजकीय महाविद्यालय डॉ संजय कुमार, ड्रग निरीक्षक सुन्दरनगर रीना चौहान, ड्रग निरीक्षक मंडी दिनेश कुमार, ड्रग निरीक्षक सरकाघाट कमल कांत तथा प्लाटून कमांडर हेमराज उपस्थित रहे तथा एसडीएम वर्चुअली बैठक में मौजूद रहे।

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