परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड पर हरियाणा के मुख्यमंत्री ने उठाए सवाल, बोले—नशे के कारण युवाओं का भविष्य हो रहा बर्बाद
चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर नशे के मुद्दे को लेकर तीखा हमला बोला है। शनिवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में आने से पहले पंजाब में तीन से छह महीने के भीतर नशे की समस्या खत्म करने का वादा करने वाली आप सरकार इस दिशा में प्रभावी कदम उठाने में विफल रही है। उन्होंने दावा किया कि नशे की समस्या कम होने के बजाय और गंभीर हुई है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा कि आप सरकार ने अपने पांच साल हंसी-मजाक करने में बिता दिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार नशे के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम रही है और इससे पंजाब के लोग परेशान हैं।
झोटा हत्याकांड को बताया गंभीर और संवेदनशील मामला
मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बारे में पूछे जाने पर नायब सैनी ने इसे गंभीर और संवेदनशील मामला बताया। उन्होंने कहा कि झोटा ने कई बार सरकारी अधिकारियों के समक्ष नशे की समस्या उठाई थी, क्योंकि इसके चलते युवाओं का जीवन बर्बाद हो रहा था।
सैनी ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस समस्या पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की। उन्होंने पंजाब सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि लोग मौजूदा व्यवस्था से परेशान हो चुके हैं।
मेडिकल स्टोर में दिनदहाड़े गोली मारकर की गई थी हत्या
परविंदर सिंह झोटा नशे और दवाइयों की दुकानों पर कथित तौर पर नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। मंगलवार को मानसा में एक मेडिकल स्टोर के भीतर दिनदहाड़े गोली मारकर उनकी हत्या कर दी गई थी। घटना के समय झोटा फेसबुक पर लाइव प्रसारण कर रहे थे।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, झोटा ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को कथित तौर पर नशीली दवाएं बेचे जाने को लेकर दुकान संचालक अश्विनी कुमार से सवाल किया था। आरोप है कि इसी विवाद के दौरान उन पर गोली चलाई गई। पुलिस ने आरोपी अश्विनी कुमार को राजस्थान के सालासर से हिरासत में लिया था।
नशे के मुद्दे पर पंजाब में सियासी घमासान तेज
झोटा हत्याकांड के बाद पंजाब में नशे की समस्या और कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। विपक्षी दल इस मामले को लेकर राज्य सरकार पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि नशे के खिलाफ कार्रवाई और युवाओं को इस समस्या से बचाने का मुद्दा फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में नशे की समस्या और झोटा हत्याकांड को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप आने वाले समय में और तेज होने की संभावना है।
