केंद्र सरकार का बड़ा फैसला : गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को अब पंजाब समेत देश के किसी भी राज्य की कोर्ट में फिजिकल रूप से पेश नहीं किया जा सकेगा

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नई दिल्ली : केंद्र सरकार की तरफ से कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को अब पंजाब समेत देश के किसी भी राज्य की कोर्ट में फिजिकल रूप से पेश नहीं किया जा सकेगा। केंद्र सरकार के फैसले के अनुसार एक साल तक ऑनलाइन या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लॉरेंस बिश्नोई की कोर्ट में पेशी हो सकेगी।लॉरेंस बिश्नोई की सुरक्षा को देखते हुए केंद्र सरकार की तरफ से सीआरपीसी की धारा 268 लगाई गई है।

अहमदाबाद जेल अथॉरिटी ने अमृतसर कोर्ट को दी जानकारी : गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गुजरात की अहमदाबाद स्थित सेंट्रल जेल से ऑनलाइन या वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी भुगतेगा।यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब नशा तस्करी से जुड़े एक केस में लॉरेंस बिश्नोई को अमृतसर की एक कोर्ट में पेश किया गया था. ऐसे में अहमदाबाद सेंट्रल जेल की तरफ से लॉरेंस बिश्नोई की पेशी को लेकर ईमेल के जरिए अदालत को जानकारी भेजी गई. इसी तरह एनडीपीएस से जुड़े केस में लॉरेंस बिश्नोई को पेश करने के लिए बठिंडा जेल में भी समन भेजे गए थे। अहमदाबाद जेल अथॉरिटी की तरफ से बठिंडा जेल अथॉरिटी को भी ईमेल किया गया था।
वहीं फिलहाल इसी महीने 6 नवंबर को अहमदाबाद जेल अथॉरिटी से अमृतसर अदालत को जवाब भेजा गया है। जिसमें कहा गया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को लेकर सीआरपीसी की धारा 268 लगाई है. जिससे अगले एक साल तक लॉरेंस बिश्नोई ऑनलाइन पेशी ही भुगतेगा। वो शारिरीक रूप से किसी कोर्ट की पेशी में शामिल नहीं होगा।
23 अगस्त को गुजरात किया गया था शिफ्ट : गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को 23 अगस्त को सेंट्रल जेल बठिंडा से गुजरात शिफ्ट किया गया था। उसे फ्लाइड के माध्यम से गुजरात भेजा गया था. वहां भी उसपर नशा तस्करी का एक केस दर्ज है।आपको बता दें कि गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई की सुरक्षा का मुद्दा शुरू से ही अहम रहा है. जब सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड के मामले में बिश्नोई को पंजाब लेकर आया गया था तब वकीलों की तरफ से कोर्ट में उसकी सुरक्षा को लेकर याचिका लगाई गई थी। जिसके बाद उसे बुलेट प्रूफ गाड़ियों और कड़ी सुरक्षा के बीच पंजाब लाया गया था।इसके बाद जब भी लॉरेंस बिश्नोई की पेशी होती थी तो कड़ी सुरक्षा रखी जाती थी। इसलिए अब फैसला लिया गया है कि लॉरेंस बिश्नोई की अब एक साल तक सिर्फ ऑनलाइन पेशी ही होगी. उसे निजी रूप में कोर्ट में नहीं पेश होना होगा

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