हिमाचल में लॉटरी शुरू करने के फैसले पर सियासत गरमाई, भाजपा विधायकों का विधानसभा परिसर में धरना

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जयराम ठाकुर बोले—राजस्व बढ़ाने के लिए देवभूमि के सामाजिक ताने-बाने से खिलवाड़ कर रही सरकार

शिमला। हिमाचल प्रदेश में लॉटरी शुरू करने के राज्य सरकार के फैसले को लेकर सियासत तेज हो गई है। विधानसभा के मानसून सत्र के बीच बुधवार को भाजपा ने इस मुद्दे पर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले भाजपा विधायक विधानसभा परिसर के बाहर धरने पर बैठ गए और सरकार से लॉटरी शुरू करने का फैसला वापस लेने की मांग की।

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने लॉटरी को नई पीढ़ी को बर्बाद करने वाला निर्णय बताते हुए कहा कि सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए हिमाचल के सामाजिक ताने-बाने से खिलवाड़ कर रही है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश केवल एक राज्य नहीं, बल्कि देवभूमि है, जहां मेहनत और ईमानदारी की संस्कृति रही है। ऐसे प्रदेश में लॉटरी जैसी व्यवस्था को दोबारा लागू करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

‘राजस्व के लिए जनता की जेब पर नजर’

जयराम ठाकुर ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी आर्थिक स्थिति को छिपाने के लिए पहले जनता पर नए करों का बोझ डाल रही है और अब लॉटरी के जरिए लोगों की जेब से पैसा निकालने की तैयारी कर रही है।

उन्होंने मुख्यमंत्री के उस बयान पर भी निशाना साधा, जिसमें लॉटरी को केवल भाग्य का खेल बताया गया था।

जयराम ठाकुर ने कहा, “अगर लॉटरी केवल भाग्य का खेल है और इससे किसी को लत नहीं लगती, तो इससे बड़ा भ्रम और क्या हो सकता है।”

‘नशे की चुनौती के बीच एक और लत को बढ़ावा’

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि हिमाचल प्रदेश पहले से ही नशे की गंभीर चुनौती का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि चिट्टा और अन्य नशे गांव-गांव तक पहुंच चुके हैं और ऐसे समय में सरकार एक और संभावित लत को बढ़ावा देने जा रही है।

उन्होंने दावा किया कि अतीत में लॉटरी के कारण प्रदेश के अनेक परिवार आर्थिक संकट में फंस गए थे। कई लोगों ने जमीन-जायदाद तक बेच दी, परिवार कर्ज में डूब गए और कई दुखद घटनाएं भी सामने आईं।

जयराम ठाकुर ने कहा कि वर्ष 1999 के बाद हिमाचल प्रदेश इस व्यवस्था से बाहर निकल गया था, लेकिन अब सरकार इसे फिर से लागू करने की तैयारी कर रही है।

भांग की खेती के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने भांग की खेती के मुद्दे पर भी राज्य सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि सरकार लगातार भांग की खेती को लेकर बयान दे रही है, लेकिन इसके आर्थिक लाभ, नीति और कार्ययोजना को लेकर अभी तक कोई स्पष्ट तस्वीर सामने नहीं रखी गई है।

उन्होंने कहा कि इस विषय पर अध्ययन के लिए बनाई गई समिति ने खेती को वैध बनाने की कोई सीधी सिफारिश नहीं की थी, इसके बावजूद सरकार इस दिशा में आगे बढ़ रही है।

कर्मचारी और पेंशनरों की मांगों का भी उठाया मुद्दा

जयराम ठाकुर ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी, पेंशनर, एचआरटीसी और एचपीटीडीसी कर्मी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार खुद को कर्मचारी हितैषी बताती है, लेकिन प्रदेश के विभिन्न वर्गों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि भाजपा लॉटरी, बेरोजगारी और कर्मचारियों के मुद्दों को विधानसभा के भीतर और बाहर मजबूती से उठाती रहेगी।

रोजगार के वादों पर कांग्रेस सरकार से सवाल

भाजपा नेता ने कांग्रेस सरकार के रोजगार संबंधी चुनावी वादों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने से पहले कांग्रेस ने पहली कैबिनेट बैठक में एक लाख नौकरियां देने और पांच वर्षों में पांच लाख रोजगार सृजित करने का दावा किया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि आज प्रदेश का युवा रोजगार की राह देख रहा है।

जयराम ठाकुर ने दावा किया कि भाजपा सरकार के समय जहां सरकारी कर्मचारियों की संख्या करीब 1.90 लाख थी, वहीं अब यह घटकर लगभग 1.72 लाख रह गई है।

भाजपा का ऐलान—सदन के भीतर और बाहर जारी रहेगा विरोध

भाजपा ने स्पष्ट किया है कि वह लॉटरी शुरू करने के फैसले का विरोध जारी रखेगी और इस मुद्दे को विधानसभा के भीतर और बाहर प्रमुखता से उठाएगी।

फिलहाल, हिमाचल में लॉटरी को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक टकराव तेज हो गया है। भाजपा जहां इसे सामाजिक और आर्थिक रूप से नुकसानदायक फैसला बता रही है, वहीं सरकार की ओर से इस मुद्दे पर अपना पक्ष रखा जा चुका है।

मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में हृदय रोग की प्रमुख जांचें बंद होने का आरोप

नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि अटल सुपर स्पेशलिटी अस्पताल चमियाना में ईको कार्डियोग्राफी समेत हृदय रोग से संबंधित प्रमुख जांचों के बंद होने से प्रदेश सरकार के व्यवस्था परिवर्तन के दावों की पोल खुल गई है।

उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में हृदय रोग संबंधी जांच करने वाले इकलौते स्टाफ सदस्य को हमीरपुर मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है, जिसके कारण मरीजों को आवश्यक जांच सुविधाओं से वंचित होना पड़ रहा है।

जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार का यह फैसला उसकी कथित प्रशासनिक नाकामी और विवेकहीनता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि एक मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल में हृदय रोग जैसी गंभीर बीमारियों से संबंधित महत्वपूर्ण जांच सुविधाओं का प्रभावित होना चिंताजनक है।

नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश सरकार से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर आवश्यक स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित करने और हृदय रोग से संबंधित सभी प्रमुख जांच सुविधाओं को सुचारू रूप से बहाल करने की मांग की।

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