कृषि संबंधी रोजगार के अवसर देगा ‘आई-राइज’ कार्यक्रम : किसानों से बातचीत की और ड्रोन के जरिये कृषि रसायनों के छिड़काव के प्रदर्शन में लिया हिस्सा

by

होशियारपुर ,4 सितंबर : किसानों, युवाओं और ग्रामीण समुदायों के ‘आई-राइज’ (इन्कल्केटिंग रूरल इंडिया स्किल एन्हांसमेंट) कार्यक्रम की आज घोषणा की गई । कार्यक्रम का उद्देश्य एक लाख युवाओं को कृषि संबंधी रोजगार के अवसरों के लिए प्रशिक्षित करना है। कार्यक्रम के तहत अपने पहले भारत दौरे पर, सिंजेंटा के ग्लोबल सीईओ जेफ रो ने उन्होंने पंजाब और हरियाणा में चलाये जा रहे ‘क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर प्रोजेक्ट’ का दौरा किया। उन्होंने किसानों से बातचीत की और ड्रोन के जरिये कृषि रसायनों के छिड़काव के प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

रो और उनकी टीम ने सिंजेंटा के बासमती धान के प्रमुख उत्पादक गुरदेव सिंह के खेत का दौरा किया, जहां उन्होंने ‘प्रौद्योगिकी के उपयोग’ को वास्तविक कृषि परिदृश्य में देखा। टीम ने सिंजेंटा के नवीनतम फसल सुरक्षा उत्पादों, रिफिट प्लस और इन्सिपियो (जो प्लिनाज़ोलिन तकनीक पर आधारित है) के उपयोग का निरीक्षण किया। इन्सिपियो कई प्रमुख कीटों,  जैसे- पत्ती मोड़ने वाले और तना छेदक, पर उत्कृष्ट नियंत्रण प्रदान करता है, जिससे प्रभावी अवशोषण, व्यापक सुरक्षा, प्रतिरोध प्रबंधन, और एक पर्यावरण अनुकूल प्रोफ़ाइल सुनिश्चित होती है।

रो ने कहा, ‘मुझे खुशी है कि यहां के किसान जिस गति से तकनीक को अपना रहे हैं । हम जलवायु परिवर्तन और खाद्य सुरक्षा की चुनौतियों को संबोधित करने के लिए किसानों को पुनर्योजी पद्धतियों को अपनाने में सहयोग करते हैं और कृषि उत्पादन को बढ़ाने तथा सुरक्षित रखने के लिए प्रौद्योगिकियों का विकास करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने और हमारे संचालन को स्थायी बनाने के लिए भी प्रतिबद्ध हैं।’

रो ने ‘क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर प्रोजेक्ट’ में भाग लिया। ‘क्लाइमेट स्मार्ट एग्रीकल्चर प्रोजेक्ट, जिसे वैल्यू चेन पार्टनर्स के साथ शुरू किया गया है, हरियाणा और पंजाब में धान उत्पादन को प्रभावित करने वाली जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों का समाधान करता है। इस परियोजना के तहत, उर्वरक उपयोग को अनुकूलित करने के लिए मृदा स्वास्थ्य विश्लेषण किया जा रहा है, जिससे प्रति एकड़ 100 किलोग्राम यूरिया की कमी हो रही है। फसल अवशेष प्रबंधन पर भी जोर दिया गया है, जिसमें ‘हैप्पी सीडर’ जैसी तकनीकें फसल अवशेषों को जलाने की हानिकारक प्रथा को समाप्त कर रही हैं, जो पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जहां हर साल अनुमानित 23 मिलियन टन फसल अवशेष जलाये जाते हैं।’

Share
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

You may also like

article-image
पंजाब

5 ग्रिफ्तार : हथियार सप्लाई करने व हथियारों से लैस होकर किसी वारदत को अंजाम देने की योजना बनाते

 पटियाला :   पुलिस के स्पेशल सैल की टीम ने अन्य प्रदेशों से हथियार लाकर पंजाब व अन्य प्रदेशों में हथियार सप्लाई करने व हथियारों से लैस होकर किसी वारदत को अंजाम देने की योजना...
article-image
पंजाब

श्रावण मास में श्रद्धालुओं ने गगन जी का टीला मंदिर में की पूजा-अर्चना, भोलेनाथ से की विश्व शांति की प्रार्थना

होशियारपुर/दलजीत अजनोहा : श्रावण मास की आध्यात्मिक ऊर्जाओं से सराबोर वातावरण में एमआरसी ग्रुप दसूहा और विजय मॉल दसूहा के नेतृत्व में श्रद्धालुओं का एक विशेष दल प्राचीन गगन जी का टीला मंदिर पहुंचा।...
article-image
पंजाब

चुनाव अधिकारी पंजाब की ओर से किया गया पोलिंग बूथों व वोटर जागरुकता कैंपों का औचक निरीक्षण

होशियारपुर : आगामी विधान सभा चुनावों व कोविड-19 संबंधी भारतीय चुनाव आयोग की हिदायतों को मुख्य रखते हुए आज चुनाव अधिकारी पंजाब हरीश कुमार ने विधान सभा क्षेत्र 41- उड़मुड़ के गढ़दीवाला में स्थित...
article-image
पंजाब , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश

पंजाब यूनिवर्सिटी प्रधान : डॉक्यूमेंट में उनका एडमिशन 17 अक्तूबर वाला चल रहा है। जबकि 12 अक्तूबर को स्टूडेंट्स काउंसिल के नॉमिनेशन हुए थे फाइल

चंडीगढ़। पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस स्टूडेंट्स काउंसिल (पीयूसीएससी) के प्रेसिडेंट आयुष खटकड़ के एडमिशन पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। इसके लिए भाजपा की स्टूडेंट पार्टी एबीवीपी और कांग्रेस की स्टूडेंट पार्टी एनएसयूआई ने...
Translate »
error: Content is protected !!