ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा—सामाजिक एकता और भाईचारे से ही बनेगा आदर्श समाज
एएम नाथ। शिमला। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा संचालित संस्कृत महाविद्यालयों में कर्मकांड पुरोहित कोर्स शुरू करने पर विचार किया जाएगा। इसके तहत विद्यार्थियों के लिए डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम शुरू किए जा सकते हैं। मुख्यमंत्री सोमवार को यहां हिमाचल प्रदेश ब्राह्मण कल्याण बोर्ड की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सामंजस्य और भाईचारे से ही आदर्श समाज का निर्माण संभव है। सामाजिक एकता मजबूत होने से समाज में शांति, सद्भाव और सहयोग की भावना विकसित होती है, जो प्रदेश की प्रगति और समृद्धि की आधारशिला है।
222 गौ सदनों में 23 हजार से अधिक गौवंश को आश्रय
सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 222 गौ सदनों और गौ अभयारण्यों में 23,018 गौवंश को आश्रय दिया गया है। सात नए गौ सदनों और अभयारण्यों का निर्माण पूरा होने के बाद करीब 2,200 से 2,500 अतिरिक्त बेसहारा गौवंश को आश्रय मिल सकेगा।
उन्होंने कहा कि गौ सेवा आयोग की ओर से गौ सदनों व गौ अभयारण्यों में रखे गए बेसहारा गौवंश के पालन-पोषण के लिए 1,200 रुपये प्रति गौवंश प्रतिमाह सहायता राशि दी जा रही है। बेसहारा पशुओं की समस्या के समाधान के लिए राज्य स्तरीय टास्क फोर्स का भी गठन किया गया है।
सरकारी अस्पतालों में मुफ्त दवाइयां और जांच की सुविधा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवाइयां और निःशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है। स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाइयों और उपभोग्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों से लेकर क्षेत्रीय अस्पतालों तक विभिन्न स्तरों पर बड़ी संख्या में दवाइयां और उपभोग्य वस्तुएं आवश्यक सूची में शामिल की गई हैं। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में निजी क्षेत्र की कंपनी के माध्यम से भी निःशुल्क नैदानिक जांच की सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।
आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड की सुविधा
सुक्खू ने कहा कि सभी आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों में एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और प्रयोगशाला जांच की सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उनके नजदीक उपलब्ध करवाना है।
रिवालसर में चारदीवारी के लिए 1.28 करोड़ का प्राकलन
मुख्यमंत्री ने बताया कि मंडी जिले के त्रिवेणी धाम रिवालसर की क्षतिग्रस्त और गिरने के खतरे वाली चारदीवारी के पुनर्निर्माण के लिए 1.28 करोड़ रुपये का प्राकलन तैयार किया गया है। बैठक में डॉ. वाई.एस. परमार ऋण योजना, सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले विद्यालयों सहित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्गों से प्रदेश सरकार द्वारा चिट्टा और मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आह्वान किया।
बैठक में मुख्य सचिव के.के. पंत, पुलिस महानिदेशक अशोक तिवारी, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रशासनिक सचिव, बोर्ड के सदस्य और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
